पेप्टिक अल्सर, जिसे गैस्ट्रिक अल्सर भी कहा जाता है, पेट के अंदरूनी हिस्से में घाव के कारण होता है। दरअसल यह घाव अक्सर Helicobacter Pylori नामक बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होता है। 

गैस्ट्राइटिस की तरह ही पेप्टिक अल्सर भी पेट की एक गंभीर बीमारी है। अगर इस बीमारी का सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो आने वाले समय में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

अगर आप भी पेप्टिक अल्सर के बारे में जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को शुरू से अंत तक जरूर पढ़ें। इस लेख में हमने पेप्टिक अल्सर के बारे में विस्तृत जानकारी देने का प्रयास किया है।

पेप्टिक अल्सर क्या है? | What is Peptic Ulcer in Hindi?

पेप्टिक अल्सर एक काफी सामान्य स्वास्थ्य समस्या है। पेप्टिक अल्सर घाव होते हैं जो पेट, निचले एसोफैगस, या छोटी आंत की परत में विकसित होते हैं। 

ये आमतौर पर बैक्टीरिया एच. पाइलोरी के संक्रमण के कारण होते हैं। इसके अलावा, पेट में एसिड के अत्यधिक निर्माण के कारण भी पेप्टिक अल्सर हो सकता है।

पेप्टिक अल्सर तीन प्रकार के होते हैं:

गैस्ट्रिक अल्सर: यह अल्सर पेट के अंदर विकसित होते हैं।

एसोफेजेल अल्सर: यह अल्सर एसोफैगस के अंदर विकसित होते हैं।

डुआडनल अल्सर: यह अल्सर छोटी आंत के ऊपरी हिस्से में विकसित होते हैं, जिसे duodenum कहा जाता है।

पेप्टिक अल्सर का क्या कारण है? | What is the Cause of Peptic Ulcer in Hindi?

पेप्टिक अल्सर मुख्य रूप से पेट, ग्रासनली और छोटी आंत की परत मे होनेवाले घाव के कारण होती हैं। यह घाव अक्सर बैक्टिरिया की इन्फेक्शन के कारण हो सकता है। इसके अलावा निम्नलिखित कारक से पेप्टिक अल्सर हो सकता है।

  • हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (एच. पाइलोरी), एक प्रकार का बैक्टीरिया जो पेट में संक्रमण और सूजन पैदा कर सकता है।
  • एस्पिरिन (बायर), इबुप्रोफेन (एडविल), और अन्य विरोधी भड़काऊ दवाओं के बार-बार उपयोग से पेट में अल्सर हो सकता है। खासकर महिलाओं और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है।
  • धूम्रपान
  • बहुत अधिक शराब पीना
  • रेडियोथेरेपी
  • पेट का कैंसर

पेप्टिक अल्सर के लक्षण क्या हैं? | What are the Symptoms of Peptic Ulcer in Hindi?

पेप्टिक अल्सर का सबसे आम लक्षण पेट में जलन है जो नाभि से छाती तक अनुभव होता है। यह जलन हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकता है। कुछ मामलों में, यह दर्द असहनीय हो सकता है। हालांकि, प्रारंभिक अवस्था में पेप्टिक अल्सर के कोई लक्षण नहीं दिखाई देती है।

पेप्टिक अल्सर के अन्य सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • भूख में परिवर्तन
  • जी मिचलाना
  • खूनी या गहरा मल
  • वजन में कमी
  • खट्टी डकार
  • उल्टी
  • छाती में दर्द

पेप्टिक अल्सर की जांच कैसे करें? | How to Test Peptic Ulcer in Hindi?

पेप्टिक अल्सर के निदान के लिए दो प्रकार के परीक्षण उपलब्ध हैं। उन्हें Upper Endoscopy और Upper Gastrointestinal Endoscopy कहा जाता है।

ऊपरी एंडोस्कोपी (Upper Endoscopy): इस प्रक्रिया में, डॉक्टर पेट में घाव की जांच करने के लिए एक लंबी ट्यूब वाले कैमरे का उपयोग करता है। इस कैमरे की मदद से आपके पेट और छोटी आंत की जांच की जाती है।

ऊपरी जीआई एंडोस्कोपी (Upper GI Endoscopy): इस प्रक्रिया में, डॉक्टर ऊपरी जीआई की जांच करता है। इस प्रकार के परीक्षण में बेरियम नामक गाढ़ा द्रव पिया जाता है और आपके पेट, अन्नप्रणाली और छोटी आंत का एक्स-रे किया जाता है।

पेप्टिक अल्सर का इलाज कैसे किया जाता है? | How is Peptic Ulcer Treated in Hindi?

पेप्टिक अल्सर का उपचार इसके विभिन्न कारणों पर निर्भर करता है। कुछ दवाएं बैक्टीरिया को मारती हैं, जबकि अन्य अपच के लक्षणों को कम करती हैं। 

आपका डॉक्टर या स्वास्थ्य सेवा प्रदाता निम्नलिखित दवाओं को लेनी की सिफारिश कर सकता है:

  • एंटीबायोटिक्स: एंटीबायोटिक्स बैक्टीरिया के संक्रमण का इलाज कर सकते हैं। आपको कुछ हफ़्ते के लिए एक या अधिक प्रकार के एंटीबायोटिक लेने की आवश्यकता हो सकती है।
  • प्रोटॉन पंप अवरोधक: ये दवाएं, जैसे ओमेप्राज़ोल (ओमेज़ कैप्सूल) और एसोमप्राज़ोल (एसोज़ टैबलेट), आपके पेट में पैदा होने वाले एसिड की मात्रा को कम करती हैं। प्रोटॉन पंप अवरोधक पेट के अल्सर और गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग के इलाज में भी मदद करते हैं।
  • एंटासिड: कैल्शियम कार्बोनेट दवाएं पेट में एसिड के जोखिम को कम करती हैं। इसके अलावा, यह सूजन को दूर करने में मदद कर सकते हैं। डाइजीन सिरप, पॉलीक्रॉल सिरप और जेलुसिल सिरप जैसे एंटासिड भी हर्टबर्न का इलाज करने में मदद करते हैं।
  • हिस्टामाइन ब्लॉकर्स: Cimetidine (Tagamet), रैनिटिडीन (Histac) और इसी तरह की दवाएं पेट में एसिड के उत्पादन को कम करने में मदद करती हैं।

पेप्टिक अल्सर को कैसे रोकें? | How to Prevent Peptic Ulcer in Hindi?

एच. पाइलोरी बैक्टीरिया पेप्टिक अल्सर के मुख्य कारणों में से एक है, लेकिन अधिकांश लोगों को यह नहीं पता होता है कि वे कब इस बैक्टीरिया से संक्रमित हो जाते हैं। संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए अपने हाथ धोने सहित अच्छी स्वच्छता का अभ्यास करें।

इसके अलावा, आप अपच और नाराज़गी को कम करने के लिए भी कदम उठा सकते हैं, क्योंकि ये स्थितियां पेट में अल्सर से जुड़ी हैं। आप निम्न उपायों से पेप्टिक अल्सर के खतरे को कम कर सकते हैं।

  • एक दिन में दो से अधिक मादक पेय नहीं पीना
  • दवा के साथ शराब नहीं मिलाना
  • संक्रमण से बचने के लिए बार-बार हाथ धोना
  • इबुप्रोफेन, एस्पिरिन और नेप्रोक्सन दवाईयों का कम उपयोग करना

इसके अलावा, सिगरेट या अन्य तंबाकू का सेवन बंद करके एक स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखना और फलों, सब्जियों और साबुत अनाज से भरपूर संतुलित आहार खाने से आपको पेप्टिक अल्सर के विकास को रोकने में मदद मिलेगी।

References

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