निमोनिया के लक्षण व उपचार | Home Remedies for Pneumonia in Hindi

निमोनिया (Pneumonia in Hindi) इस बीमारी के नाम से हम सब वाकिफ है। यह भी जानते हैं कि यह बीमारी कितना खतरनाक और जानलेवा है। निमोनिया होने पर आपकी एक या दोनों lungs infected हो जाता है और इसके लिए बैक्टेरिया, वायरस या कवक जिम्मेदार होते हैं। 

फेफड़ों में संक्रमण के कारण उसमें मौजूद वायुकोशिकाएं, जिन्हें alveol कहते हैं, सूज जाती हैं। इस alveol में तरल द्रव या मवाद जमा होने लगता है, जिसके कारण सांस लेने में कठिनाई होती है। अगर इसका इलाज सही समय पर नहीं किया गया तो इसमें जान जाने की खतरा रहता है।

अगर आप भी निमोनिया से पीड़ित हैं और इसके बारे में पूरी जानकारी चाहते हैं तो इस आर्टिकल को शुरू से आखिर तक जरूर पढ़ें। इस लेख में हम Pneumonia से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

निमोनिया क्या है? | What is Pneumonia in Hindi?

निमोनिया एक संक्रामक बीमारी है। इसका मतलब यह बीमारी एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, खासकर वायरल निमोनिया और बैक्टीरियल निमोनिया। हालांकि, fungal pneumonia में यह एक व्यक्ति से दूसरे को नहीं फैलता है।

निमोनिया छोटे बच्चों और 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को होना एक आम बात है। खासकर उन लोगों को जिनकी इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होती है या फिर पहले से ही किसी ओर बीमारी से जूझ रहे हों।

निमोनिया होने पर फेफड़े संक्रमित हो जाती है। इसके कारण आपको बलगम वाली खांसी, तेज बुखार, ठंड लगना, सांस लेने में तकलीफ, सिर दर्द और थकान जैसी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। 

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विश्व भर में 12 नवंबर को वर्ल्ड निमोनिया डे ( World Pneumonia Day) मनाया जाता है और इसका मकसद लोगों में निमोनिया बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना होता है।

निमोनिया के लक्षण | Pneumonia Symptoms in Hindi

निमोनिया होने पर आपको इसके कई सारे लक्षण दिखाई देती हैं जिसकी नजरअंदाज करना आप के जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

निमोनिया होने पर आपको निम्नलिखित लक्षण दिखाई देती हैं जो इस प्रकार हैं:

  • बलगम वाली खांसी
  • बुखार
  • मितली
  • उलटी
  • पसीना आना
  • ठंड लगना
  • सांस लेने में तकलीफ
  • सीने में दर्द
  • थकान
  • भूख में कमी
  • सिर दर्द

इन लक्षणों के अलावा कुछ अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकती हैं जो व्यक्ति के उम्र और स्वास्थ्य के ऊपर निर्भर करता है, जैसे कि:

  • छोटे बच्चों या 5 साल से कम उम्र के बच्चों को तेज सांस या घरघराहट हो सकती है।
  • शिशुओं में उल्टी, पीने या खाने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
  • वृद्ध लोगों को हल्के लक्षण जैसे भ्रम या शरीर के तापमान में कमी का अनुभव हो सकता है।

निमोनिया के कारण | Pneumonia Causes in Hindi

कई रोगजनक जैसे बैक्टीरिया, वायरस और कवक निमोनिया रोग के लिए जिम्मेदार हैं। ये कीटाणु सांस लेते समय हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं। 

इन कीटाणुओं से लड़ने में हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि किसी व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, तो वह इन रोगजनकों से लड़ने में सक्षम नहीं है, जिसके कारण फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं। इसलिए निमोनिया का खतरा ज्यादातर छोटे बच्चों और 65 साल से अधिक उम्र के लोगों में होता है।

निम्नलिखित जोखिम कारक निमोनिया होने की संभावना को बढ़ा सकते हैं।

  • धूम्रपान
  • प्रतिरक्षा की कमी 
  • मद्यपान की लत
  • गंभीर प्रतिरोधी फेफड़ा रोग
  • गंभीर गुर्दा रोग
  • यकृत रोग
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निमोनिया के प्रकार | Types of Pneumonia in Hindi

निमोनिया को इस आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है कि यह कहां और कैसे हुआ। निमोनिया विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं जैसे बैक्टीरियल निमोनिया, वायरल निमोनिया, आकांक्षा निमोनिया, फंगल निमोनिया, अस्पताल द्वारा अधिग्रहित निमोनिया और समुदाय-आधारित निमोनिया है।

बैक्टीरियल निमोनिया के लिए Streptococcus pneumoniae जिम्मेदार होता है। वायरल निमोनिया के लिए respiratory viruses जिम्मेदार होते हैं जिनमे इन्फ़्लुएन्ज़ा और rhinovirus शामिल हैं।

Fungal pneumonia अक्सर मिट्टी या पक्षी छोड़ने वाले इनहेलेशन में मौजूद कवक के कारण होता है। अक्सर, यह कवक उन व्यक्ति को संक्रमित करता है जिनका इम्यून पावर बहुत कम होता है।

निमोनिया के जोखिम कारक | Risk Factors for Pneumonia in Hindi

निमोनिया एक संक्रमण बीमारी है जो किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। लेकिन उनमें कुछ ऐसे व्यक्ति और समूहों हैं जिन्हें निमोनिया होने का खतरा अधिक होता है।

  • जन्म से 2 वर्ष की आयु तक के शिशु
  • 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग
  • गंभीर बीमारी के कारण कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग
  • अस्थमा, मधुमेह या दिल की विफलता वाले लोग
  • सर्दी या फ्लू जैसे श्वसन संक्रमण से पीड़ित लोग
  • अस्पताल में वेंटिलेटर पर रहने वाले लोग
  • धूम्रपान या अत्यधिक मात्रा में शराब पीने वाले लोग

निमोनिया के घरेलू उपचार | Home Remedies for Pneumonia in Hindi

इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर निमोनिया को कुछ हद तक खराब होने से रोका जा सकता है।

निमोनिया का घरेलू इलाज नमक से (Salt: Home Remedies for Pneumonia in Hindi)

नमक के पानी से गरारे करने से गले से बलगम साफ हो जाता है। इसके अलावा यह गले की जलन से राहत दिलाने में भी मदद करता है।

एक गिलास पानी में चौथाई (1/4) नमक डालकर उबाल लें। इस मिश्रण को 30 second तक मुहं में रखकर गरारे करें। एक दिन में कम से कम 4 बार गरारे करें।

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पुदीने से निमोनिया का घरेलू इलाज (Peppermint: Home Remedies to Treat Pneumonia in Hindi)

पेपरमिंट में डिकॉन्गेस्टेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुण होते हैं। इस वजह से यह बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है।

पुदीने की चाय बनाने के लिए सबसे पहले पुदीने की ताजी पत्तियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसमें एक कप उबला हुआ पानी डालकर 5 मिनट तक अच्छे से मिलाएं। पुदीने की पत्तियों को छान लें और इस चाय को नींबू, शहद या दूध में मिलाकर पीएं।

निमोनिया का घरेलू उपचार हल्दी से (Turmeric: Home Remedies for Pneumonia in Hindi)

हल्दी में anti-inflammatory गुण होते हैं जो दर्द से राहत दिलाने में बहुत मददगार होते हैं। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते हैं, जो सीने के दर्द से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं।

2 कप गर्म पानी में 1 चम्मच हल्दी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसमें नींबू या शहद मिलाकर दिन में 2 से 3 बार इसका सेवन करें।

निमोनिया का घरेलू उपचार के लिए अदरक (Ginger: Home Remedies for Pneumonia in Hindi)

अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण होते हैं जो दर्द को कम करने में उपयोगी माने जाते हैं।

अदरक वाली चाय बनाने के लिए सबसे पहले अदरक को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसे एक कप पामी में डालकर 15 मिनट तक उबाल लें। अदरक को छान लें और इस चाय को नींबू या शहद के साथ में मिलाकर दिन में 2 से 3 बार पीएं।

References

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